कौन से छत्तीसगढ़ की ‘सुपर गर्ल’ जिसने 19 नौकरीओ में सफलता पाकर कीर्तिमान बनाया?
रायपुर छत्तीसगढ़ (10 June 2026 विशेष संवाददाता विप्लव दुबे ) - कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं होता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यो, ये बात सच साबित की छत्तीसगढ़ की सुपर गर्ल ने, जहाँ लोग एक सरकारी नौकरी पाने के लिए अपने जीवन में 20 से 30 साल तक लगा देते है, वही छत्तीसगढ़ की इस सुपर गर्ल ने एक नहीं, दो नहीं, दस भी नहीं पूरी 19 सरकारी नौकरीओ में सफलता पाकर अजब कीर्तिमान रच दिया
इस सुपर कन्या से सच पूछिए तो इस कहावत को भी सच साबित किया है कि "कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती". छत्तीसगढ़ की इस होनहार बेटी चारू पांडे (Charu Pandey) ने अपने जुनून से सच साबित कर दिया है. जहाँ एक नौकरी के लिए का 20 से 30 साल लगा देते है वही महज 23 साल की उम्र में चारू ने SSC, बैंकिंग, रेलवे और पुलिस समेत कुल 19 सरकारी भर्ती परीक्षाएं पास कर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया है. Charu Pandey की इस असाधारण उपलब्धि के लिए स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित करेंगी।
रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा की रहने वाली चारू आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं. उनकी सफलता यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और सही रणनीति के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
छोटे गांव से बड़े सपनों तक का सफर
चारू पांडे ने अपनी शुरुआती पढ़ाई रायपुर जिले गांव (रायपुर जिले में कितने गांव है) तिल्दा-नेवरा में पूरी की. इसके बाद उन्होंने दुर्ग स्थित हेमचंद यादव विश्वविद्यालय से मैथमेटिक्स में बीएससी की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स की तैयारी शुरू कर दी थी. चारू फिलहाल तमिलनाडु के जिले चेन्नई स्थित कैग (CAG) कार्यालय में असिस्टेंट ऑडिट ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं. उनकी उपलब्धियों की चर्चा अब सिर्फ छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में हो रही है।
प्रमुख परीक्षाएं जिसमें मिली सफलता
इस सुपर Girl ने SSC की कई प्रमुख परीक्षाएं जैसे SSC CGL, SSC CHSL, SSC MTS, SSC GD और SSC CPO को पास किया है. इसके अलावा उन्होंने IBPS PO, IBPS Clerk, SBI PO और SBI Clerk जैसी बैंकिंग परीक्षाओं में भी सफलता हासिल की. रेलवे भर्ती बोर्ड की NTPC और ग्रुप-D परीक्षाएं भी उन्होंने पास कीं. वहीं पुलिस सेवाओं में दिल्ली पुलिस, छत्तीसगढ़ सब-इंस्पेक्टर और ट्रांसपोर्ट सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षाओं में भी उन्होंने सफलता का परचम लहराया. इसके अलावा CG NHM सहित कई दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।
असफलताओं को बनाया सीढ़ी
Charu Pandye का सफर आसान नहीं था. शुरुआती दौर में उन्हें कई बार असफलताओं का सामना करना पड़ा. कई परीक्षाओं में चयन नहीं हो पाया, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी कमजोरियों को पहचाना और लगातार सुधार किया. चारू का मानना है कि असफलता अंत नहीं होती, बल्कि खुद को बेहतर बनाने का अवसर होती है. यही सोच उन्हें लगातार आगे बढ़ाती रही।
सफलता का मंत्र क्या है?
Charu Pandye चारू बताती हैं कि उनकी तैयारी का आधार सब्जेक्ट वाइज रणनीति, रेग्युलर मॉक टेस्ट और लगातार सेल्फ-इवैल्यूएशन रहा. वह हर परीक्षा के बाद अपनी गलतियों को Analysis करती थीं और अगली परीक्षा में उन्हें सुधारने की कोशिश करती थीं. उनका कहना है कि अगर छात्र लक्ष्य तय करें, समय को सही से मैनेज करें और लगातार मेहनत करें, तो सफलता जरूर मिलती है।
चारू पांडे की कहानी यह संदेश देती है कि सपने बड़े हों तो चुनौतियां मायने नहीं रखतीं. छोटे शहर की यह बेटी आज देशभर के युवाओं के लिए उम्मीद, संघर्ष और सफलता का प्रतीक बन चुकी है. उनकी उपलब्धि न सिर्फ छत्तीसगढ़ (छत्तीसगढ़ में गांव) बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
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