पुणे में हाईवे निर्माण के दौरान दर्दनाक हादसा, मिट्टी के नीचे दबा मजदूर नहीं बच सका; साथी घायल
महाराष्ट्र के पुणे जिले में शुक्रवार सुबह एक निर्माण स्थल पर हुए हादसे ने एक मजदूर की जान ले ली। इंदापुर तालुका के राजवडी गांव के पास पुणे-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुल के नजदीक काम चल रहा था। इसी दौरान मिट्टी और मुरुम का भारी हिस्सा अचानक नीचे खिसक गया। इसकी चपेट में आने से दो मजदूर मलबे के नीचे दब गए। एक मजदूर को बचा लिया गया, जबकि दूसरे की मौत हो गई।
सुबह काम के दौरान अचानक खिसकी मिट्टी
यह घटना 30 अक्टूबर को सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। राजवडी में हाईवे के उड़ानपुल के पास सड़क की साइड पट्टी और सुरक्षा दीवार से जुड़ा निर्माण कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान मिट्टी का पुराना भराव अचानक ढह गया।
पुणे जिला सूचना कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, उस समय वहां तीन मजदूर काम कर रहे थे। मिट्टी खिसकने पर एक मजदूर ने तुरंत खुद को सुरक्षित कर लिया, लेकिन बाकी दो इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों और बचाव दल ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया।
एक मजदूर की जान गई, घायल का इलाज जारी
मलबे में दबे दोनों मजदूरों को निकालने की कोशिश की गई। एक मजदूर को सुरक्षित बाहर निकालकर इंदापुर के उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन की जानकारी के मुताबिक, घायल मजदूर की हालत स्थिर है। वहीं, दूसरे मजदूर की मिट्टी के नीचे दबने से मौत हो गई।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में मृतक की पहचान मशरूब शेख और घायल मजदूर की पहचान नईम अख्तर के रूप में बताई गई है। दोनों पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के निवासी बताए गए हैं।
शुरुआती रिपोर्ट और प्रशासन के आंकड़ों में अंतर
हादसे के तुरंत बाद कुछ मीडिया रिपोर्टों में पांच मजदूरों के मिट्टी में दबने की खबर सामने आई थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों ने दो मजदूरों को बाहर निकाल लिया था और बाकी मजदूरों के लिए बचाव अभियान चल रहा था।
हालांकि, बाद में पुणे जिला सूचना कार्यालय की विस्तृत जानकारी में घटनास्थल पर तीन मजदूरों के काम करने की बात कही गई। प्रशासन के अनुसार, इनमें से एक मजदूर खुद सुरक्षित निकला, एक को बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया और एक की मौत हुई। इसलिए हादसे के अंतिम आंकड़ों के लिए प्रशासन की बाद की जानकारी को आधार माना गया है।
उपमुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए
घटना की जानकारी मिलने के बाद महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने हादसे पर दुख जताया और मामले की जांच के निर्देश दिए। वहीं, कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने भी निर्माण स्थल पर सुरक्षा नियमों के पालन की जांच कराने और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।
मजदूरों की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
हाईवे पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी का इतना बड़ा हिस्सा कैसे ढह गया, यह जांच का विषय है। निर्माण स्थल पर मजदूरों के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं, इसकी भी पड़ताल जरूरी है।
फिलहाल हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। इस दुर्घटना ने सड़क और पुल निर्माण जैसे कार्यों में सुरक्षा मानकों को गंभीरता से लागू करने की जरूरत को फिर सामने ला दिया है।
