
पानीपत.
सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई झमाझम वर्षा ने शहरवासियों को भीषण गर्मी और उमस से राहत पहुंचाई। लगभग ढाई घंटे तक शहर में तेज बारिश का दौर जारी रहा, जिसके बाद भी बूंदाबांदी का सिलसिला काफी देर तक बना रहा।
हालांकि, इस मानसून सीजन की इस ठीकठाक वर्षा ने जहां मौसम को खुशनुमा बना दिया, वहीं नगर निगम के जल निकासी के दावों की पोल भी खोल कर रख दी।वर्षा के चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। सनौली रोड, उझा रोड, जीटी रोड, इंडो फार्म सहित कई एरिया में जलजमाव से लोगों को काफी परेशानी हुई। पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण मुख्य सड़कों पर तालाब जैसा नजारा देखने को मिला। स्थिति यह हो गई कि वाहन चालकों को पानी के बीच से ही वाहन गुजारने पड़े, जिससे कई दोपहिया वाहन रास्ते में ही बंद हो गए।
स्कूली बच्चों और राहगीरों को हुई परेशानी
इस तेज वर्षा से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वाले राहगीरों को उठानी पड़ी। छुट्टी के समय बच्चों को भारी जलभराव के बीच से ही अपने घरों की ओर लौटना पड़ा। पैदल चलने वाले लोगों को भी जलभराव के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और कई जगहों पर राहगीर गंदे पानी में फिसलकर गिरते हुए भी नजर आए।
मानसून की मेहरबानी, लेकिन व्यवस्थाओं पर सवाल
इस मानसूनी सीजन में अब तक की यह सबसे अच्छी वर्षा मानी जा रही है, जिससे किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान आई है। तापमान में गिरावट दर्ज होने से मौसम सुहाना हो गया है। हालांकि, जलभराव की पुरानी समस्याओं ने फिर प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



