शनिवार, 07 नवंबर 2026

अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य नजारा देखने को तैयार रामनगरी, 30 लाख दीयों से जगमग होंगे 56 घाट

उत्तर प्रदेश की रामनगरी अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक दीपोत्सव के लिए सजकर तैयार है। इस साल दीपोत्सव का दसवां आयोजन कई मायनों में खास होने जा रहा है। सरयू नदी के तट पर 56 घाटों को 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीयों से रोशन करने की तैयारी की गई है। वहीं, रात के आसमान में 2,100 ड्रोन के जरिए रामायण के प्रमुख प्रसंगों का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा।

पांच दिवसीय दीपोत्सव का आयोजन 5 नवंबर से शुरू हो चुका है, जबकि इसका मुख्य कार्यक्रम 7 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। शहर के प्रमुख रास्तों, मंदिरों और घाटों को आकर्षक रोशनी और रामायण आधारित सजावट से सजाया गया है। इस आयोजन में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के शामिल होने की उम्मीद है।

56 घाटों पर जलेंगे 30 लाख से अधिक दीये

इस बार सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाटों पर लाखों दीये सजाए जा रहे हैं। दीयों को व्यवस्थित तरीके से लगाने के लिए घाटों पर विशेष मार्किंग की गई है। इस विशाल आयोजन को सफल बनाने के लिए करीब 35 हजार स्वयंसेवकों की जिम्मेदारी तय की गई है।

दीप प्रज्ज्वलन के लिए बड़ी संख्या में मिट्टी के दीयों, बातियों और तेल की व्यवस्था की गई है। आयोजन का उद्देश्य सरयू तट को रोशनी से जगमगाने के साथ अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को दुनिया तक पहुंचाना है।

2,100 ड्रोन से आसमान में दिखेगी रामायण

इस साल दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 2,100 ड्रोन का शो होगा। इन ड्रोन के माध्यम से आसमान में भगवान श्रीराम के जीवन और रामायण से जुड़े प्रमुख प्रसंगों की आकृतियां दिखाई जाएंगी।

इसके अलावा लेजर शो, 3D प्रोजेक्शन मैपिंग और संगीत के साथ विशेष प्रस्तुतियां भी आयोजित होंगी। सरयू तट पर रोशनी और तकनीक का यह संगम श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बनने वाला है।

2,147 लोगों की सामूहिक सरयू महाआरती

दीपोत्सव के दौरान सरयू नदी के तट पर 2,147 आचार्यों और पुरोहितों की भागीदारी से सामूहिक महाआरती आयोजित करने की तैयारी है। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक पूजा-पद्धति के साथ सरयू की आरती की जाएगी।

पिछले साल 2,128 लोगों ने सामूहिक आरती में भाग लेकर रिकॉर्ड बनाया था। इस बार भागीदारी बढ़ाकर नया रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

पांच देशों की रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रम

दीपोत्सव में भारत के अलग-अलग राज्यों के कलाकारों के साथ दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाईलैंड की रामलीला मंडलियां भी अपनी प्रस्तुतियां देंगी। इसके अलावा रामायण पर आधारित झांकियां, लोकनृत्य और संगीत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अयोध्या में 13 विशेष स्वागत द्वार, 20 सेल्फी पॉइंट और रामायण के प्रसंगों पर आधारित सजावट भी की गई है। शहर के प्रमुख स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग मंच तैयार किए गए हैं।

9 नवंबर तक जारी रहेंगे आयोजन

मुख्य दीपोत्सव 7 नवंबर को होगा, लेकिन इससे जुड़े कार्यक्रम 9 नवंबर तक जारी रहेंगे। 8 नवंबर को भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी, जबकि 9 नवंबर को अयोध्या के स्थानीय निवासियों के लिए अलग ड्रोन शो आयोजित करने की योजना है।

कुल मिलाकर इस बार अयोध्या का दीपोत्सव धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम बनने जा रहा है। अब श्रद्धालुओं और पर्यटकों की नजरें 7 नवंबर की शाम पर टिकी हैं, जब लाखों दीपों की रोशनी से सरयू तट जगमगाएगा।
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